साखी - कबीर |
निम्न प्रश्नों के उत्तर २-३ पंक्तियों में दे- (२ अंक)
निम्न प्रश्नों के उत्तर ५०-६० पंक्तियों में लिखिए (५ अंक)
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साखी - कबीर |
निम्न प्रश्नों के उत्तर २-३ पंक्तियों में दे- (२ अंक)
निम्न प्रश्नों के उत्तर ५०-६० पंक्तियों में लिखिए (५ अंक)
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पाठ का नाम | पदबंध |
पद- वाक्य से अलग रहने पर 'शब्द' और वाक्य में प्रयुक्त हो जाने पर शब्द 'पद' कहलाते हैं। दूसरे शब्दों में- वाक्य में प्रयुक्त शब्द पद कहलाता है।
पदबंध - जब दो या दो से अधिक पद मिलकर एक पद का कार्य करते हैं तब उन्हें पदबंध कहा जाता है। जैसे- (1) सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र जीत गया। (2) यह लड़की अत्यंत सुशील और परिश्रमी है। (3) नदी बहती चली जा रही है। (4) नदी कल-कल करती हुई बह रही थी। पदबंध के भेद मुख्य पद के आधार पर पदबंध के पाँच प्रकार होते हैं- (1) संज्ञा-पदबंध (2) विशेषण-पदबंध (3) सर्वनाम पदबंध (4) क्रिया पदबंध (5) क्रियाविशेषण (1) संज्ञा-पदबंध- वह पदबंध जो वाक्य में संज्ञा का कार्य करे, संज्ञा पदबंध कहलाता है। दूसरे शब्दों में- पदबंध का अंतिम अथवा शीर्ष शब्द यदि संज्ञा हो और अन्य सभी पद उसी पर आश्रित हो तो वह 'संज्ञा पदबंध' कहलाता है। जैसे- (a) चार ताकतवर मजदूर इस भारी चीज को उठा पाए। (b) राम ने लंका के राजा रावण को मार गिराया। (c) अयोध्या के राजा दशरथ के चार पुत्र थे। (d) आसमान में उड़ता गुब्बारा फट गया। (2) विशेषण पदबंध- वह पदबंध जो संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बतलाता हुआ विशेषण का कार्य करे, विशेषण पदबंध कहलाता है। दूसरे शब्दों में- जब एक से अधिक पद मिलकर विशेषण पद का कार्य करें, तो उसे विशेषण पदबंध कहा जाता हैं। जैसे- (a) तेज चलने वाली गाड़ियाँ प्रायः देर से पहुँचती हैं। (b) उस घर के कोने में बैठा हुआ आदमी जासूस है। (c) उसका घोड़ा अत्यंत सुंदर, फुरतीला और आज्ञाकारी है। (d) बरगद और पीपल की घनी छाँव से हमें बहुत सुख मिला। (3) सर्वनाम पदबंध- वह पदबंध जो वाक्य में सर्वनाम का कार्य करे, सर्वनाम पदबंध कहलाता है। दूसरे शब्दों में- जब कई पद मिलकर सर्वनाम पद का कार्य करें, तो उसे सर्वनाम पदबंध कहा जाता है। जैसे- बिजली-सी फुरती दिखाकर आपने बालक को डूबने से बचा लिया। शरारत करने वाले छात्रों में से कुछ पकड़े गए। विरोध करने वाले लोगों में से कोई नहीं बोला।
(4) क्रिया पदबंध- वह पदबंध जो अनेक क्रिया-पदों से मिलकर बना हो, क्रिया पदबंध कहलाता है। दूसरे शब्दों में- जब कई क्रियाएँ मिलकर एक क्रिया पद का कार्य करें, तो उसे क्रिया पदबंध कहा जाता है। जैसे- (a) वह बाजार की ओर आया होगा। (b) मुझे मोहन छत से दिखाई दे रहा है। (c) सुरेश नदी में डूब गया। (d) अब दरवाजा खोला जा सकता है। (5) क्रियाविशेषण पदबंध- वह पदबंध जो वाक्य में अव्यय का कार्य करे, अव्यय पदबंध कहलाता है। दूसरे शब्दों में- जब कई पद मिलकर क्रियाविशेषण पद का कार्य करते हैं, तो उसे क्रियाविशेषण या अव्यय पदबंध कहा जाता हैं। जैसे- वह बहुत सुंदर नाची। वह बहुत धीरे-धीरे चलता है। आज मैंने पेट भरकर खाना खाया। आप आराम से बैठकर बातें कीजिए। अभ्यास कार्य निम्न वाक्यों के रेखांकित भाग में पदबंध का नाम बताइये। 1. युद्ध में लड़ने वाला सिपाही शहीद हो गया। 2. तकदीर का मारा मैं कहाँ फँस गया। 3. बच्चे जल्दी सो जाया करते है। 4. मैंने बहुत सुंदर हिरण देखा। 5. मैं कल शाम चार बजे तक पहुचूँगा। 6. लड़का पागलों की तरह हँस रहा है। 7. दशरथ के चारों पुत्र वीर थे। 8. मैं बिहार की राजधानी पटना में रहता हूँ। 9. बिजली-सी फुरती दिखाकर आपने बालक को गिरने से बचा लिया। 10. इतनी लगन से काम करने वाला मैं असफल नहीं हो सकता। |
अनुच्छेद लिखते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए -
1) अनुच्छेद लिखने से पहले रूपरेखा, संकेत-बिंदु आदि बनानी चाहिए। (कुछ प्रश्न-पत्रों में पहले से ही रूपरेखा, संकेत-बिंदु आदि दिए जाते हैं। आपको उन्हीं रूपरेखा, संकेत-बिंदु आदि को ध्यान में रखते हुए अनुच्छेद लिखना होता है।)
(2) अनुच्छेद में विषय के किसी एक ही पक्ष का वर्णन करें। (ऐसा इसलिए करना आवश्यक हो जाता है क्योंकि अनुच्छेद में शब्द सिमित होते हैं और हमें अनुच्छेद संक्षेप में लिखना होता है।)
(3) भाषा सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली होनी चाहिए। ताकि समीक्षक या पढ़ने वाला आपके अनुच्छेद से प्रभावित हो सके।
(4) एक ही बात को बार-बार न दोहराएँ। क्योंकि एक ही बात को बार-बार दोहराने से आप अपने अनुच्छेद को दिए गए सीमित शब्दों में पूरा नहीं कर पाएँगे और अपने संदेश को लोगों तक नहीं पहुँचा पाएँगे।
(5) अनावश्यक विस्तार से बचें, लेकिन विषय से न हटें। आपको भले ही संक्षेप में अपने अनुच्छेद को पूरा करना है, परन्तु आपको ये भी ध्यान रखना है कि आप अपने विषय से न भटक जाएँ।
(6) शब्द-सीमा को ध्यान में रखकर ही अनुच्छेद लिखें। ऐसा करने से आप अपने अनुच्छेद में ज्यादा-से-ज्यादा महत्वपूर्ण बात लिखने की ओर ध्यान दे पाएँगे।
(7) पूरे अनुच्छेद में एकरूपता होनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कही कोई बात विषय से अलग लगे और पढ़ने वाले का ध्यान विषय से भटक जाए।
(8) विषय से संबंधित सूक्ति अथवा कविता की पंक्तियों का प्रयोग भी कर सकते हैं। इससे आपका अनुच्छेद बहुत अधिक प्रभावशाली और रोचक लगेगा।
(9) अनुच्छेद के अंत में निष्कर्ष समझ में आ जाना चाहिए यानी विषय समझ में आ जाना चाहिए।
अनुच्छेद की प्रमुख विशेषताएँ -
(1) अनुच्छेद किसी एक भाव या विचार या तथ्य को एक बार, एक ही स्थान पर व्यक्त करता है। इसमें अन्य विचार नहीं रहते।
(2) अनुच्छेद के वाक्य-समूह में उद्देश्य की एकता रहती है। अप्रासंगिक बातों को हटा दिया जाता है। केवल बहुत अधिक महत्वपूर्ण बातों को ही अनुच्छेद में रखा जाता है।
(3) अनुच्छेद के सभी वाक्य एक-दूसरे से गठित और सम्बद्ध होते है। वाक्य छोटे तथा एक दुसरे से जुड़े होते हैं।
(4) अनुच्छेद एक स्वतन्त्र और पूर्ण रचना है, जिसका कोई भी वाक्य अनावश्यक नहीं होता।
(5) उच्च कोटि के अनुच्छेद-लेखन में विचारों को इस क्रम में रखा जाता है कि उनका आरम्भ, मध्य और अन्त आसानी से व्यक्त हो जाए और किसी को भी समझने में कोई परेशानी न हो।
(6) अनुच्छेद सामान्यतः छोटा होता है, किन्तु इसकी लघुता या विस्तार विषयवस्तु पर निर्भर करता है। लेखन के संकेत बिंदु के आधार पर विषय का क्रम तैयार करना चाहिए।
(7) अनुच्छेद की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए।
.निम्न में से किसी एक विषय पर अनुच्छेद लिखिए-
1.जीवन में खेलकूद का महत्व (कक्षा-कार्य)
2.समय का सदुपयोग (गृहकार्य)
3.व्यायाम (गृहकार्य)